Archive | August 2015

“सद्भावना दिवस” पर प्रार्थना सभा में मेरा भाषण

सद्भावना दिवस पर भाषण

   भारत में सूचना क्रांति के जनक पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी देश में सद्भावना के प्रतीक माने जाते हैं । जिन्होंने भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना देखा था।   ऐसे महा पुरुष की याद में उनके जन्म दिन पर हर साल सद्भावना दिवस या समरसता दिवस के रूप में मनाया जाता है। राजीव गाँधी सरकार का एकमात्र मिशन दूसरों के लिये अच्छी भावना रखना था। भारत के सभी धर्मों के बीच सामुदायिक समरसता, राष्ट्रीय एकता, शांति, प्यार और लगाव को लोगों में बढ़ावा देना था।

ऐसे अभूतपूर्व महापुरुष ‘राजीव गांधी की मृत्यु आतंकवाद के चलते हुई थी और अफसोस है कि हमारे देश के राजनीतिज्ञों ने उनकी मौत से कोई सबक नहीं सीखा। जब तक आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक हम इस पर पूरी तरह लगाम लगाने में कामयाब नहीं हो पायेंगे ।

हर चीज का बड़ी तेजी से राजनीतिकरण हो रहा है और इसी के चलते आतंकवादी या नक्सलवादी बेखौफ होकर मासूम लोगों को मार रहे हैं। वोट की राजनीति के चलते ही राजीव गांधी के हत्यारों को सजा देने में इतनी देरी हो रही है । यदि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सुरक्षा को वापस नहीं लिया जाता तो देश के युवा और प्रखर प्रधानमंत्री आज हमारे बीच होते।

राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को मुंबई में हुआ था। उनकी जयंती को देश में ‘सद्भावना दिवस’ के साथ-साथ ‘अक्षय ऊर्जा दिवस’ के रूप में भी मनाया जाता है। राजीव गांधी इन्दिरा गांधी के पुत्र,जवाहरलाल नेहरू के पौत्र और भारत के नौवें प्रधानमंत्री थे। सन 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उनके पुत्र राजीव गांधी भारी बहुमत के साथ प्रधानमंत्री बने थे।

वे कहते थे कि “भारत एक पुराना देश है, लेकिन एक जवान राष्ट्र है; जैसा कि हर जगह युवा की तरह, हम आतुर है। मैं जवान हूँ और मैंने भी एक सपना देखा है। मैंने एक ऐसे भारत का सपना देखा है जो शक्तिशाली हो, स्वतंत्र हो, आत्मनिर्भर हो, और मानवता की सेवा में दुनिया के सभी राष्ट्रों में अग्रणी हो।”

ऐसे महान व्यक्ति को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भगवान से प्रार्थना करता हूँ कि हमारी भावनाओं को शुद्धीकरण करें और हमें ऐसी सद्बुद्धि दें कि हम मानव मात्र के लिए कार्य करें और हमारे अंदर परोपकार की भावना जगे और सद्भावना जगे। इन्हीं मंगल भावनाओं के साथ अपने विचार को विराम देता हूँ । जय हिंद । जय हिंदुस्तान ।

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